रायपुर। डिप्टी कलेक्टर चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित अवैध लेन-देन को लेकर कई अहम जानकारियां सामने रखी हैं। एजेंसी के मुताबिक बोरघरिया के बैंक खाते में 170 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये जमा हुए थे। ईडी अब इन लेन-देन के स्रोत और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
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PSC-2021 से जुड़े लेन-देन की भी जांच
ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर पर PSC परीक्षा-2021 के अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वसूली का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस रकम से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

ईडी के मुताबिक, मामला उस अवधि से जुड़ा है जब चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री के OSD के पद पर कार्यरत थे। एजेंसी इस दौरान हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, रकम के स्रोत और पैसों के प्रवाह को खंगाल रही है।
‘अवैध कमाई को वैध दिखाने कंपनी का इस्तेमाल’
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम को वैध आय के तौर पर दिखाने के लिए M/s Figurecave E-Com (OPC) Private Limited का इस्तेमाल किया गया। ED अब कंपनी से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
7 दिन की कस्टोडियल रिमांड
गिरफ्तारी के बाद ED ने चेतन बोरघरिया को 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लिया है। एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही है और कथित लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य वित्तीय साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
CBI भी दाखिल कर चुकी है चार्जशीट
PSC-2021 से जुड़े मामले में CBI की जांच भी हो चुकी है। सीबीआई ने तत्कालीन PSC अध्यक्ष समेत अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
अब ED, EOW की FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी की ओर से जारी प्रेसनोट में बैंक खातों में हुए लेन-देन, PSC परीक्षा से जुड़े कथित पैसों और कंपनी के जरिए रकम को वैध दिखाने के आरोपों का उल्लेख किया गया है।
फिलहाल ED की पूछताछ जारी है।




