रायपुर। संसद के सत्र की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्र आंदोलन, वंदे मातरम् पर प्रस्तावित नियमों और भाजपा की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सदन से लेकर सड़क तक उपजे असंतोष ने भारतीय जनता पार्टी के अलोकतांत्रिक चेहरे को बेनकाब कर दिया है।
यह भी पढ़े :- BJP Core Group Meeting : कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में BJP का शक्ति मंथन…! CM साय और शिवप्रकाश रहेंगे मौजूद
छात्र आंदोलन और मौतों पर सरकार को घेरा
प्रदेश में जारी छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करना और आंसू गैस के गोले छोड़ना बेहद निंदनीय है। बघेल ने कहा कि सरकार चाहती तो संवाद के जरिए इस मसले का समाधान निकाल सकती थी, लेकिन संवेदनहीनता के कारण ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की गलतियों का खामियाजा लगभग 22 लाख युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और तनाव के चलते 22 छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार को लेनी चाहिए।
वंदे मातरम् पर भाजपा के दावों पर सवाल
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए नियमों पर भूपेश बघेल ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और आज़ादी के आंदोलन का मुख्य प्रतीक रहा है।
इतिहास का हवाला देते हुए बघेल ने भाजपा पर तीखा कटाक्ष किया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौर में जब देशभक्त वंदे मातरम् गाकर जेल जाते थे, तब ऐसे लोग अंग्रेजों के लिए मुखबिरी का काम करते थे और गीत गाने वालों को सजा दिलवाते थे। उन्होंने कहा कि जो लोग उस समय अंग्रेजों के साथ खड़े थे, वे आज सबसे बड़े देशभक्त और भक्त बनने का ढोंग कर रहे हैं।


