महासमुंद। खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी एनटीपीएस एनओसी के इस्तेमाल के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में आरोपी बताए जा रहे मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए न्यायालय में कुर्की की कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया है।
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पुलिस का दावा है कि आरोपी का लकड़ी तस्करी का नेटवर्क ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत करीब 10 राज्यों तक फैला हुआ है। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क और बरामद नकदी के स्रोत को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के परिवहन का मामला
मामले की शुरुआत वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की ओर से दिए गए आवेदन के बाद हुई। आवेदन के आधार पर महासमुंद पुलिस ने 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन को लेकर मामला दर्ज किया था।
जांच में फर्जी NTPs NOC तैयार करने और उसे असली दस्तावेज की तरह इस्तेमाल किए जाने का आरोप सामने आया। इसके बाद पिथौरा थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
सर्च वारंट लेकर मुड़पार पहुंची पुलिस
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान की तलाशी लेने के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया।
इसके बाद 7 सितंबर 2026 को पुलिस टीम ने मुड़पार गांव स्थित मकान में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में एक थैला बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, थैले के अंदर 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। इन गड्डियों में कुल 16,200 नोट थे, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये निकली। पुलिस ने पूरी रकम को मौके पर ही जब्त कर लिया।
81 लाख की रकम की कुर्की के लिए कोर्ट में आवेदन
पुलिस ने बताया कि बरामद 81 लाख रुपये को फिलहाल अपराध से अर्जित संपत्ति के तौर पर चिन्हित किया गया है। इस रकम की कुर्की के लिए BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध से हासिल आर्थिक लाभ को आरोपी के नियंत्रण से बाहर करना और संबंधित संपत्ति पर कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
10 राज्यों तक नेटवर्क की जांच
पुलिस अब मामले में लकड़ी की कथित तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि खैर लकड़ी कहां से लाई जा रही थी, फर्जी एनओसी किस तरह तैयार की गई और इसे किन राज्यों में भेजा जा रहा था।
इसके साथ ही बरामद 81 लाख रुपये की रकम के स्रोत और उसके कथित अपराध से संबंध की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आर्थिक लेनदेन के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।




