अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक पर देश भर की नजरें टिकी हैं। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच बुलाई गई इस बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और भविष्य की व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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यह महत्वपूर्ण बैठक दोपहर 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर के अंदर आयोजित होगी। पहले इसका आयोजन मणिराम छावनी में होना तय था, जो राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का मठ है, लेकिन ऐन वक्त पर इसके स्थान में बदलाव किया गया है।
इस्तीफों और प्रशासनिक बदलावों पर टिकी नजरें
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा सौंपे गए इस्तीफों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। चढ़ावा चोरी विवाद में नाम आने के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफे की पेशकश की है। चंपत राय राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक ट्रस्ट का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं। दान व्यवस्था, निर्माण कार्य की प्रगति और मीडिया के सामने पक्ष रखने जैसी हर बड़ी जिम्मेदारी में वे सबसे आगे रहे हैं, लेकिन अब वे आरोपों के घेरे में हैं।
इसके अलावा, बैठक में राम मंदिर के सुचारू प्रबंधन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति और नए प्रशासनिक ढांचे पर भी विचार हो सकता है। विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की भूमिका को लेकर भी एजेंडे में चर्चा शामिल है।
एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट और वित्तीय दस्तावेज होंगे पेश
बैठक में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 का अनऑडिटेड आय-व्यय विवरण, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने सभी नियमित और पदेन सदस्यों से बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का अनुरोध किया है। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ सकते हैं।
क्या है ट्रस्ट का मौजूदा ढांचा?
वर्तमान में ट्रस्ट में 11 नियमित सदस्य शामिल हैं, जिनमें महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी परमानंद गिरि, स्वामी गोविंद देव गिरि, कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास, के. परासरन, चंपत राय और अनिल मिश्रा प्रमुख हैं। ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद से उपाध्यक्ष का पद अभी भी खाली है।
पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं।
चढ़ावा चोरी जांच की वर्तमान स्थिति
इस मामले में फिलहाल दो समानांतर जांच चल रही हैं:
प्रशासनिक जांच: एसआईटी (SIT) इस मामले की जांच कर रही है, जिसे रिपोर्ट सौंपने के लिए जुलाई के अंत तक का समय दिया गया है।
पुलिस जांच: ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर अयोध्या पुलिस जांच में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी और पुलिस दोनों ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ कर चुकी हैं, हालांकि अभी तक इन तीनों के खिलाफ कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
विवाद के बीच वीएचपी की बैठक दिल्ली शिफ्ट
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी एक बड़ा कदम उठाते हुए अयोध्या में प्रस्तावित अपनी बैठक को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हर आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।”
अब हर किसी की नजरें आज होने वाली इस बैठक पर हैं। सवाल सिर्फ चंपत राय के पद पर बने रहने का नहीं है, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, अटूट विश्वास और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए ट्रस्ट के अगले कदमों का है। राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से इस बैठक को बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



