कोरबा, 06 जुलाई। Korba Waterlogging : मानसून की पहली ही तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की असली तस्वीर सामने ला दी। करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई और बेहतर जलनिकासी के किए गए दावों की हकीकत कुछ घंटों की बारिश में उजागर हो गई। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर इतना जलभराव हुआ कि सड़कें स्विमिंग पूल जैसी दिखाई देने लगीं। इससे लोगों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।
नगर निगम की तैयारियों पर उठे सवाल
बारिश के बाद कई इलाकों में घंटों तक पानी जमा रहा। सड़क और नालियों का फर्क मिट गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि फिसलन और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि प्री-मानसून तैयारियों के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाते हैं। नगर निगम ने बारिश से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा किया था, लेकिन पहली ही बारिश ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, शहर की जलमग्न सड़कों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे हैं। अब शहरवासियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पहली ही बारिश में यह हाल है, तो पूरे मानसून में हालात कैसे होंगे?



