रायपुर। राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बीच सोमवार को रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर में जलभराव, नालों की सफाई, सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत और बारिश के दौरान नागरिकों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई। लेकिन विडंबना यह रही कि जिस बैठक में जलभराव और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही थी, उसी दौरान निगम मुख्यालय के सभाकक्ष की छत से पानी टपकने लगा।
बैठक के दौरान नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर विपक्ष ने जमकर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी अखबारों की कतरनों से बनी लाइफ जैकेट पहनकर सदन पहुंचे और नगर निगम की ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ को पूरी तरह विफल बताया। वहीं भाजपा पार्षद स्वप्निल मिश्रा ने जोन अधिकारियों पर काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘चोर’ तक कह दिया।
इस पर सभापति ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मुद्दा महत्वपूर्ण है, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखते हुए शब्दों का चयन किया जाना चाहिए।
इधर, भुगतान नहीं मिलने से नाराज ठेकेदारों ने निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘निगम कमिश्नर हाय-हाय’ के नारे लगाए।
गौरतलब है कि नगर निगम ने वर्ष 2026-27 के बजट में नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष के लगभग 2 हजार करोड़ रुपये के बजट से काफी अधिक है। इसके बावजूद बारिश के शुरुआती दौर में ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिछले 48 घंटे से रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण टाटीबंध सहित कई निचले इलाकों में सड़कें और रिहायशी क्षेत्र पानी में डूब गए हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने सोमवार को जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।



