बलौदाबाजार। जिले के पलारी विकासखंड में एक दिन की तेज बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्राम रोहांसी और अमेठी को जोड़ने वाली महानदी पर बना एनीकेट पूरी तरह पानी में डूब गया है। नदी में जलस्तर बढ़ने से एनीकेट के ऊपर करीब दो से ढाई फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते अमेठी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों का पलारी और बलौदाबाजार से संपर्क टूट गया है।
यह भी पढ़े :- रायपुर में तांत्रिक पर 40 लाख की ठगी का आरोप! भाई की मौत का राज बताने का दिया था झांसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग पर महानदी पार करने के लिए केवल यही एनीकेट एकमात्र रास्ता है। हर साल बारिश के दौरान थोड़ी-सी वर्षा में भी यह पानी में डूब जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
70 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने की मजबूरी
एनीकेट डूबने के बाद ग्रामीणों को पलारी या रोहांसी पहुंचने के लिए करीब 70 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे न केवल समय और खर्च बढ़ता है, बल्कि मरीजों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जरूरी सेवाएं भी प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि रोहांसी इस क्षेत्र का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां आसपास के वन क्षेत्रों के लोग रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने आते हैं। लेकिन बारिश के दिनों में संपर्क टूट जाने से खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो जाती है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थायी पुल निर्माण की मांग तेज
ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से इस स्थान पर ऊंचे और स्थायी पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उनका कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है और क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से जल्द से जल्द महानदी पर एक स्थायी एवं ऊंचे पुल का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में भी आवागमन बाधित न हो और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।



