बस्तर। जिले के नानगुर क्षेत्र के कुलगांव में सोमवार को आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में एक ही परिवार के सात सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर पुनः सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने परिवार का स्वागत किया और इसे उनकी स्वेच्छा से लिया गया निर्णय बताया।
जानकारी के अनुसार, घर वापसी करने वालों में झिटकू राम कश्यप, रामबती कश्यप, आयती कश्यप, जगरनाथ कश्यप, उर्मिला कश्यप, भारती कश्यप और आशीष कश्यप शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी ने वैदिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और सनातन धर्म का पालन करने का संकल्प लिया।

महारा समाज के अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप ने बताया कि संबंधित परिवार लगभग सात महीने पहले ईसाई पंथ से जुड़ा था। अब परिवार ने अपनी इच्छा से दोबारा अपने पूर्वजों की परंपराओं और सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि समाज ने सभी सदस्यों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया और अन्य मतांतरित परिवारों से भी अपनी इच्छा के अनुसार समाज में लौटने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में मौजूद समाज के संरक्षक प्रेम चालकी ने कहा कि समाज किसी भी व्यक्ति की धार्मिक आस्था या विश्वास का अनादर नहीं करता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपने पूर्वजों की परंपरा और सनातन धर्म में लौटना चाहता है, तो समाज उसका सम्मानपूर्वक स्वागत करता है। उनके अनुसार, इस परिवार ने भी अपनी इच्छा से घर वापसी का निर्णय लिया है।
धार्मिक आयोजन के दौरान समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें महारा समाज के संरक्षक प्रेम चालकी, अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप, संपत कश्यप, सोमारु कुमार, लूदर बघेल, जीवनदास पाइक, सचिव प्रकाश नागेश, सुरेंद्र सोनी, सदानंद कश्यप सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
फिलहाल इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया संबंधित परिवार की स्वेच्छा से संपन्न हुई है। वहीं प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



