रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बहस की चुनौती पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में लाखों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास से वंचित किया, वे अब बहस की बात कर रहे हैं।
यह भी पढ़े :- आकाशीय बिजली का कहर: पेड़ के नीचे खड़े दो युवक चपेट में आए, एक की मौत
अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि जिनकी आंखों पर ‘‘इटालियन चश्मा’’ लगा हो और जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए करीब 18 लाख परिवारों को पीएम आवास से वंचित किया, वे किस मुद्दे पर बहस करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है।
मुख्यमंत्री का सख्त तेवर ही सुशासन का हिस्सा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर को लेकर पूछे गए सवाल पर अरुण साव ने कहा कि राज्य के मुखिया होने के नाते जनता की समस्याओं के समय उनके साथ खड़ा होना मुख्यमंत्री का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जहां लोगों को परेशानी होती है, वहां मुख्यमंत्री उनकी मदद और समस्याओं के समाधान के लिए आगे आते हैं।
साव ने कहा कि मुख्यमंत्री साय इसी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और यही विष्णु का सुशासन है।
तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए केंद्र से मिल रही राशि
तालाबों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए राशि जारी किए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से तालाबों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के लिए राशि उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत प्रदेश में लगातार काम किया जा रहा है और यह ग्रामीण व शहरी विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है।
सेवा संकल्प अभियान में 12 तरह के सेवा कार्य
सेवा संकल्प अभियान के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपे जाने पर अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक सेवा की जिम्मेदारी संभाली थी और तब से मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक लगातार सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत देशभर में 12 अलग-अलग प्रकार के सेवा कार्य किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। संगठन और सरकार मिलकर सभी 12 कार्यक्रमों को सफल बनाने की तैयारी कर रहे हैं और संबंधित लोगों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।




