मनेंद्रगढ़। जनकपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपहृत दो मासूम बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ले जाया गया था। आरोप है कि बच्चों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेचने की साजिश रची गई थी। मामले में पुलिस ने एक सह-आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार, कुन्दौर निवासी दलबीर बैगा दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बच्चों के अचानक लापता होने के बाद परिजनों ने जनकपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आते ही पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और बच्चों की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को बच्चों के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ले जाए जाने की जानकारी मिली। पुलिस ने संभावित ठिकानों और आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद सह-आरोपी मनराज बैगा दोनों बच्चों को लेकर वापस छत्तीसगढ़ की ओर लौटा।
पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़ के चरखर के पास घेराबंदी की और मनराज बैगा को पकड़ लिया। उसके कब्जे से दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने मामले में मनराज बैगा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चों को उत्तर प्रदेश ले जाने के पीछे उन्हें बंधुआ मजदूरी के लिए बेचने की साजिश थी। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और बच्चों को किसके पास ले जाया जाना था, इसकी जांच अभी जारी है।
मामले का मुख्य आरोपी दलबीर बैगा फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस आरोपी के संपर्क में रहे लोगों और उसके संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है।
दोनों बच्चों के सकुशल बरामद होने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और फरार मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही बच्चों को उत्तर प्रदेश ले जाने और कथित तौर पर मजदूरी के लिए बेचने की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।




