बिलासपुर। जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग को डरा-धमकाकर लाखों रुपये और सोने-चांदी के जेवरात ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आयुष यादव सहित चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी के पिता पुलिस विभाग में एएसआई (ASI) के पद पर कार्यरत हैं।
यह भी पढ़े :- सावन का पहला सोमवार: शनि-मंगल के दुर्लभ संयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, जानें शुभ मुहूर्त और उपाय
चाकू दिखाकर दी जान से मारने की धमकी
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सरकंडा निवासी एक बुजुर्ग ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपियों ने उनकी पोती को डरा-धमकाकर व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर एटीएम, फोन-पे और अन्य माध्यमों से करीब ₹14.50 लाख नकद हासिल कर लिए। इसके अलावा आरोपियों ने घर में रखे लगभग 450 ग्राम सोने के जेवरात भी ऐंठ लिए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने छोटी पोती को चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पानी की तरह पैसा बहाते दिखे संदिग्ध
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकंडा पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र के कुछ युवक अचानक बड़े पैमाने पर पैसे खर्च कर रहे हैं। संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- आयुष यादव (22 वर्ष, मुख्य आरोपी) – निवासी मोपका विवेकानंद नगर (पिता: धर्मेंद्र यादव, एएसआई)
- आदर्श शर्मा (19 वर्ष) – निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई
- प्रिंस साहू (18 वर्ष 3 माह) – निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई
- आदित्य पांडे (19 वर्ष) – निवासी आरके नगर, सरकंडा
पहले भी दर्ज हैं शिकायतें
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी आयुष यादव अपने साथियों के साथ गिरोह बनाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देता था। उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में अन्य कौन-कौन शामिल हैं और इन्होंने अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग, धमकी या अवैध वसूली की सूचना तुरंत पुलिस को दें।



