पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार पितृ पक्ष के दौरान ग्रहों की स्थिति को खास माना जा रहा है। पितृ पक्ष की शुरुआत से पहले शुक्र अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे, जहां बुध पहले से मौजूद रहेंगे। तुला राशि में शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने की बात कही जा रही है।
यह भी पढ़े :- इलाज के बाद कल रायपुर लौटेंगे किरण सिंह देव, BJP प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाओं पर लगा विराम
ज्योतिष में शुक्र को सुख-सुविधा, वैभव, धन और सौंदर्य का कारक माना जाता है, जबकि बुध को बुद्धि, व्यापार, तर्क और संवाद से जोड़कर देखा जाता है। इन दोनों ग्रहों की युति को ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के जातकों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से अनुकूल हो सकता है।
मिथुन राशि
ज्योतिष के अनुसार मिथुन राशि के पांचवें भाव में यह योग बनने जा रहा है। इसे शिक्षा, संतान, रचनात्मकता और आकस्मिक धन लाभ से जोड़कर देखा जाता है। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खबर मिल सकती है। कला, मीडिया, लेखन और डिजाइनिंग से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने के योग बताए गए हैं।
तुला राशि
तुला राशि के प्रथम भाव में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष के अनुसार इससे जातकों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने के साथ आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नई डील या नया व्यवसाय शुरू करने का समय अनुकूल बताया जा रहा है।
मकर राशि
मकर राशि के दसवें भाव यानी कर्म और करियर क्षेत्र में शुक्र-बुध की युति बनने जा रही है। ज्योतिष के अनुसार नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। अधिकारियों का सहयोग मिलने और नई नौकरी में बेहतर अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। पैतृक संपत्ति या कारोबार से जुड़े पुराने मामलों में समाधान मिलने के भी योग बताए गए हैं।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के नौवें भाव में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने की बात कही जा रही है। यह भाव भाग्य, धर्म और लंबी यात्राओं से जुड़ा माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान रुके हुए काम पूरे होने के अवसर बन सकते हैं। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। विदेश से जुड़े कारोबार या विदेशी कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए भी यह अवधि लाभकारी रहने की संभावना जताई गई है।
लक्ष्मी नारायण राजयोग के लिए बताए गए उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी किया जा सकता है। जरूरतमंदों को चावल, मिश्री, दूध या सफेद वस्त्र का दान करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा रोजाना गाय को गुड़ या घी लगी रोटी खिलाने का भी उल्लेख ज्योतिषीय उपायों में मिलता है।
नोट: उपरोक्त जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।




