आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पत्नी और दो पंडितों की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बनाने वाले आरोपी अरविंद सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। करीब सात घंटे तक पुलिस ने आरोपी को समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।
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इसी दौरान कमरे के अंदर से फायरिंग होने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना में आरोपी का बेटा भी गोली लगने से घायल हुआ था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
पूजा को लेकर पत्नी से हुआ था विवाद
घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में हुई। पुलिस के मुताबिक अरविंद सिंह जब घर पहुंचा, उस समय उसकी पत्नी बबीता सिंह घर में पूजा-पाठ करा रही थी। पूजा के लिए 60 वर्षीय महेंद्र पाठक और करीब 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा समेत पंडित मौजूद थे।
पूजा होते देखकर अरविंद का पत्नी से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से पत्नी बबीता को गोली मार दी। इसके बाद दोनों पंडितों पर भी फायरिंग कर दी। गोली लगने से तीनों की मौत हो गई।
हत्या के बाद बच्चों को कमरे में किया बंद
वारदात के बाद अरविंद अपने तीनों बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी से लगातार बातचीत कर उसे सरेंडर करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए समझाया, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
करीब सात घंटे तक पुलिस की टीम आरोपी से बातचीत करती रही। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने रातभर मौके पर निगरानी बनाए रखी और रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी की।
कमरे के अंदर से हुई फायरिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई की तैयारी के दौरान कमरे के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज आई। बच्चों की जान खतरे में होने के कारण पुलिस टीम ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने स्टन ग्रेनेड और टीयर ग्रेनेड का इस्तेमाल करने के बाद दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया।
पुलिस के अनुसार, कमरे में मौजूद अरविंद ने टीम पर भी लगातार चार-पांच राउंड फायर किए। उसके पास छह राउंड की रिवॉल्वर थी, जिसे उसने फायरिंग में खाली कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की।
बेटे को लगी थी गोली, बेटी को ढाल बनाता रहा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के बेटे को पहले ही गोली लग चुकी थी। बड़ी बेटी को आरोपी अपने सामने रखकर पुलिस की कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा था, जबकि छोटी बेटी उसके हाथ से फिसलकर नीचे गिर गई थी। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस टीम ने कार्रवाई जारी रखी।
जवाबी फायरिंग में अरविंद को गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घायल बेटे को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।




