रायपुर, 16 जून। Fake Medicine : छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि सरकारी अस्पतालों में नकली, अमानक और नियर एक्सपायरी दवाओं की सप्लाई की जा रही है, जिससे लाखों गरीब मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा ऐसी दवाएं अस्पतालों तक पहुंचाई जा रही हैं, जो बाद में जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरतीं। सवाल यह उठ रहा है कि यदि दवाएं अमानक हैं तो वे मरीजों तक पहुंच कैसे रही हैं और इसकी जवाबदेही किसकी है?
मरीजों की जान से खिलवाड़
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कई सरकारी अस्पतालों में जरूरी दवाओं की कमी है, जबकि गैरजरूरी दवाओं का भारी स्टॉक जमा है। नॉर्मल सलाइन, डीएनएस, आरएल और फोलिक एसिड जैसी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। सबसे गंभीर आरोप ब्लैकलिस्टेड दवा कंपनियों को सरकारी टेंडर दिए जाने को लेकर लगाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी कंपनी को पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है तो उसे दोबारा सप्लाई प्रक्रिया में शामिल करने की अनुमति किसने दी?
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पिछले दो वर्षों की दवा खरीदी, टेंडर प्रक्रिया, सप्लाई सिस्टम और दवाओं की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।कांग्रेस का कहना है कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि गरीब मरीजों की जिंदगी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। वहीं अब इस मामले में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।



