राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ में भाजपा के भीतर संगठनात्मक असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब पूर्व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष और अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री सहित 26 पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
इस्तीफा देने वालों में पूर्व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सुमित मिश्रा, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष एम. तुलसी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मंत्री बलविंदर सिंह भाटिया समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं। लगातार सामने आ रहे इस्तीफों से डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक संकट और गहरा गया है।
जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत को भेजे गए इस्तीफा पत्र में कार्यकर्ताओं ने शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोट पर परिवारवाद, गुटबाजी और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि संगठन में निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों के प्रभाव में लिए जा रहे हैं, जिससे लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
इससे पहले 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे की खबर सामने आने पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा था कि उन्हें किसी भी प्रकार का इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं, इस्तीफा देने वाले नेताओं का दावा है कि यह छत्तीसगढ़ भाजपा के इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक इस्तीफा है। उनका कहना है कि जब पूरे प्रदेश और देश में इस घटनाक्रम की चर्चा हो रही है, तो जिला अध्यक्ष का इससे अनभिज्ञ होना सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि 111 कार्यकर्ताओं और अब 26 पदाधिकारियों के इस्तीफे के अलावा भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता अनिल पांडेय तथा नगर पालिका के पार्षद अमित छाबड़ा भी पार्टी छोड़ चुके हैं। लगातार हो रहे इन इस्तीफों से डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक चुनौतियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।



