US Iran Peace Deal : करीब तीन महीने से जारी मिडिल ईस्ट के बड़े सैन्य संघर्ष के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच समझौता (US Iran Peace Deal) पूरा हो चुका है। इसके साथ ही वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को भी दोबारा खोलने की मंजूरी दे दी गई है।
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राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा, “ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई। मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टैक्स के पूरी तरह खोलने की अनुमति देता हूं और अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी तत्काल हटाने का आदेश देता हूं। दुनिया के जहाज अब अपने इंजन चालू करें, तेल की सप्लाई फिर शुरू होने दें।”
28 फरवरी से शुरू हुआ था संघर्ष
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव 28 फरवरी 2026 को युद्ध में बदल गया था। शुरुआती दौर में ही ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए थे। इसके बाद लगातार सैन्य हमले और जवाबी कार्रवाई से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया।
8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन हाल ही में ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद हालात फिर बिगड़ गए थे। इसके बाद मध्यस्थ देशों की पहल पर शांति वार्ता तेज की गई।
शुक्रवार को होंगे अंतिम हस्ताक्षर
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गारीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शुक्रवार को Switzerland में अंतिम हस्ताक्षर होने के बाद ही समझौते को पूरी तरह लागू किया जाएगा।
बताया गया है कि Qatar और Pakistan की मध्यस्थता में तेहरान में करीब 14 घंटे चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्ष इस समझौते पर सहमत हुए।
लेबनान मोर्चे पर भी सीजफायर
समझौते के दौरान Israel द्वारा बेरूत के दक्षिणी इलाकों में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ठिकानों पर हमले किए गए थे, जिससे वार्ता टूटने का खतरा पैदा हो गया था। इसके बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल और स्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई है।
परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिन तक चलेगी वार्ता
अधिकारियों के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे सबसे जटिल मुद्दों को फिलहाल इस शुरुआती समझौते में शामिल नहीं किया गया है। इन विषयों पर अगले 60 दिनों तक अलग से विस्तृत बातचीत जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर समयसीमा आगे बढ़ाई जा सकती है।
दुनिया ने ली राहत की सांस
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को युद्ध जैसी स्थिति से बाहर निकालने में अहम साबित होगा। हालांकि तीन महीने चले इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान गई। इस युद्ध ने दुनिया को यह भी दिखा दिया कि वैश्विक तेल और गैस सप्लाई चेन में होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का प्रभाव कितना महत्वपूर्ण है। फिलहाल इस समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत और स्थिरता की उम्मीद बढ़ गई है। (US Iran Peace Deal)



