Anti Paper Leak Bill : नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर पिछले एक सप्ताह से संसद में जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ हुए निरंतर संवाद के बाद, लोकसभा मंगलवार को इस मानसून सत्र की पहली बड़ी विधायी चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। आज निचले सदन में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर बहस शुरू होगी।
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स्पीकर ओम बिरला की पहल से खत्म हुआ गतिरोध
संसदीय सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही थी। इसे देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठकें कीं। सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्ष के हंगामे के बाद, स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दोनों पक्षों को समाधान निकालने का समय दिया। (Anti Paper Leak Bill)
स्पीकर बिरला ने सदस्यों से अपील करते हुए कहा, “सदन को विधेयकों पर चर्चा के लिए चुना गया है, न कि केवल नारेबाजी के लिए।” उन्होंने जानकारी दी कि बिल पर चर्चा के लिए 6 घंटे निर्धारित किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद सभी दल बहस के लिए सहमत हुए।
विधेयक के प्रमुख व कड़े प्रावधान
सोमवार को पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक 2024 के मूल कानून को और अधिक प्रभावी बनाता है:
10 साल की जेल: संगठित रूप से पेपर लीक कराने या परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए 10 वर्ष तक के कठोर कारावास का प्रावधान।
10 करोड़ रुपये का जुर्माना: संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के दोषियों पर ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक के भारी जुर्माने का नियम।
विपक्ष की मांग बनाम सरकार की अपील
विपक्ष सैद्धांतिक रूप से इस कानून का समर्थन कर रहा है, लेकिन उसकी मांग है कि सरकार पहले प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग पर जवाब दे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को पहले इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से चर्चा में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा, “देश का युवा इस बहस को देख रहा है। यह कानून करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।” (Anti Paper Leak Bill)



