रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) आज पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश करेगा। पांच दिन की रिमांड पूरी होने के बाद एजेंसी अदालत से आगे की पूछताछ के लिए नई रिमांड या फिर न्यायिक अभिरक्षा (जेल) की मांग कर सकती है।
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ईडी ने टामन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक रिमांड के दौरान पूछताछ में सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और अवैध आर्थिक लेन-देन की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2021 में सीजीपीएससी भर्ती नियमों में परिवार की परिभाषा में बदलाव किया गया, जिससे हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) से जुड़े प्रावधान कमजोर हुए और रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हो गया। इसी पहलू को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
ईडी का यह भी दावा है कि पीएमएलए-2002 की धारा 50 के तहत दर्ज बयान के दौरान सोनवानी ने कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए और पूछताछ में पूरा सहयोग नहीं किया। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कथित अपराध से अर्जित राशि का एक हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि शेष रकम बैंकिंग चैनलों और लेयरिंग के माध्यम से इधर-उधर की गई। एजेंसी का कहना है कि इसी मनी ट्रेल की जांच, अन्य संदिग्धों की भूमिका और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए सोनवानी की गिरफ्तारी की गई थी।
अब सभी की नजरें विशेष अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ईडी को आगे की रिमांड मिलेगी या फिर टामन सिंह सोनवानी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा।



