Modi Government 12 years : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सत्ता में 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री के रूप में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने जा रहे हैं।
इस दौरान उनकी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं और नीतिगत पहलें शुरू कीं, जिनका असर देश के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे पर व्यापक रूप से देखने को मिला।
बदली राजनीति की प्राथमिकताएं
स्वतंत्रता के बाद भारत की राजनीति का केंद्र राष्ट्र निर्माण, औद्योगिकीकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना था। पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने वैज्ञानिक सोच, आधुनिक विकास और संस्थागत लोकतंत्र को प्राथमिकता दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय पहचान और जनकल्याण को भी प्रमुख स्थान मिला।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक परियोजना और वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका को इसी बदलाव के रूप में देखा जाता है। साथ ही डिजिटल इंडिया, आधारभूत संरचना विकास, अंतरिक्ष कार्यक्रम और तकनीकी नवाचार पर भी विशेष जोर दिया गया।
मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख योजनाएं और फैसले
1. प्रधानमंत्री जनधन योजना
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए। इससे गरीब और वंचित वर्ग को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया।
2. आयुष्मान भारत योजना
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की गई यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में शामिल है।
3. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
4. स्वच्छ भारत मिशन
देशभर में स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने और खुले में शौच मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर यह अभियान शुरू किया गया।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना
गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई।
6. जल जीवन मिशन
ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई।
7. अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण
5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त कर राज्य का पुनर्गठन किया गया।
8. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया।
9. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)
पड़ोसी देशों से आए कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान इस कानून के माध्यम से किया गया।
10. नारी शक्ति वंदन अधिनियम
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त किया गया।
11. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई इस योजना के तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया।
12. डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
डिजिटल सेवाओं के विस्तार, हाईवे नेटवर्क, वंदे भारत ट्रेन, एयरपोर्ट विकास, रेलवे विद्युतीकरण और मेट्रो परियोजनाओं को गति दी गई।
दो युगों की राजनीतिक सोच
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति के दो अलग-अलग दौरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जहां नेहरू ने आधुनिक भारत की संस्थागत नींव रखी, वहीं मोदी ने विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ जोड़कर नई राजनीतिक दिशा देने का प्रयास किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों का यह पड़ाव केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और बदलती जन अपेक्षाओं का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।