रायपुर। राजधानी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाठागांव स्थित केसरी बगीचा में संचालित एक फैक्ट्री में छापा मारकर करीब 1200 किलो नकली पनीर जब्त किया है। यह कार्रवाई शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में मानी जा रही है।
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रसायनों से तैयार हो रहा था नकली पनीर
छापेमारी के दौरान खुलासा हुआ कि फैक्ट्री में पाम ऑइल, स्टीम्ड मिल्क पाउडर, एसेटिक एसिड और अन्य रसायनों का उपयोग कर पनीर बनाया जा रहा था। टीम के पहुंचते ही वहां बड़े पैमाने पर पैकेजिंग का काम चल रहा था।
पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई, फिर भी चालू था खेल
फैक्ट्री का संचालन आदर्श पराशर द्वारा किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि 21 जनवरी 2026 को भी इसी यूनिट पर छापा पड़ा था, जिसमें 1700 किलो नकली पनीर जब्त कर नष्ट किया गया था। महज तीन महीने के भीतर दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन होने से विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय टीम को दूर रखकर बनाई गई विशेष टीम
इस कार्रवाई में रायपुर की स्थानीय टीम को शामिल नहीं किया गया। इसके बजाय धमतरी, बालोद और बलौदाबाजार से अधिकारियों को बुलाकर दो अलग-अलग टीमें बनाई गईं, ताकि छापेमारी की सूचना लीक न हो।
दूसरी डेयरी में गंदगी के बीच बन रहा पनीर
इसी दौरान विभाग की दूसरी टीम ने उरला स्थित एसजे डेयरी में भी छापा मारा। यहां करीब 500 किलो पनीर अत्यधिक गंदगी के बीच बनता पाया गया, जिसे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
बताया गया कि इस डेयरी पर पहले भी गंदगी को लेकर मामले दर्ज हो चुके हैं। जांच में सामने आया कि केएलपी फैक्ट्री सुनसान इलाके में संचालित हो रही थी। नीचे उत्पादन और गोदाम ऊपर मजदूरों के रहने की व्यवस्था फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकांश मजदूर मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना के निवासी बताए गए हैं।
लाइसेंस और संचालन पर भी सवाल
फैक्ट्री मैनेजर अभिषेक पराशर के अनुसार यूनिट पिछले 6 साल से चल रही है, जबकि लाइसेंस जुलाई 2025 में ही मिला।
संचालक आदर्श पराशर को लेकर पूछे गए सवालों पर मैनेजर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया।
निगरानी पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले ने खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले की कार्रवाई के बावजूद इतनी जल्दी अवैध कारोबार का फिर से शुरू हो जाना सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करता है।



