रायपुर, 15 जून। Electricity Rate Hike : छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान कर दिया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। हालांकि राहत की बात यह है कि जहां विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली दरों में 24 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, वहीं आयोग ने गहन परीक्षण के बाद औसतन केवल 6.23 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
बिजली कंपनी ने मांगी 24% बढ़ोतरी
आयोग के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने वर्ष 2026-27 के लिए 38,729 मिलियन यूनिट बिजली बिक्री और 32,520 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। लेकिन विस्तृत जांच के बाद आयोग ने 39,760 मिलियन यूनिट बिजली बिक्री और 28,348 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता को ही मंजूरी दी।
6304 करोड़ के घाटे का दावा
वितरण कंपनी ने दावा किया था कि मौजूदा टैरिफ के आधार पर उसे 6,304 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होगा। आयोग ने परीक्षण के बाद इस घाटे को काफी कम करते हुए केवल 1,662 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा ही मान्य किया।
औसत लागत 7.13 रुपये, वसूली 6.71 रुपये प्रति यूनिट
आयोग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली की औसत आपूर्ति लागत (Average Cost of Supply) 7.13 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। वहीं मौजूदा टैरिफ के आधार पर औसत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है, जो लागत से 42 पैसे कम है। इसी अंतर को कम करने और राजस्व आवश्यकता की पूर्ति के लिए आयोग ने विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों में औसतन 6.23 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दी है।
घरेलू, कृषि और उद्योग सभी पर असर
नई बिजली दरों का असर घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। आयोग द्वारा जारी विस्तृत टैरिफ आदेश में विभिन्न श्रेणियों के लिए नई दरों का विवरण जारी किया गया है। ये सभी नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग ने बिजली कंपनी की मांग की तुलना में काफी कम बढ़ोतरी मंजूर कर उपभोक्ताओं को बड़े झटके से बचाने की कोशिश की है।
निम्नदाब (LV) उपभोक्ताओं के लिए
- अस्थायी कनेक्शन महंगे – LV-1 और LV-2 श्रेणी के अस्थायी कनेक्शन पर टैरिफ 1.25 गुना से बढ़ाकर 1.50 गुना किया गया।
- TOD टैरिफ लागू – LV-2.2(B), LV-2.3, LV-5, LV-6 और LV-7 श्रेणी में 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं पर TOD टैरिफ लागू।
- ऑफ-पीक समय में 5% छूट – सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5% छूट।
- पीक ऑवर में 5% अतिरिक्त शुल्क – शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली खपत पर 5% अधिभार।
- घरेलू उपभोक्ताओं को सौर समय में राहत – LV-1, LV-2.1 और LV-2.2(A) श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट।
- पावर फैक्टर इंसेंटिव का नया प्रावधान लागू।
- पावर फैक्टर अधिभार का भी प्रावधान किया गया।
- स्वीकृत लोड स्वतः परिवर्तन सुविधा अब LV-4.1(A) और LV-4.1(B) श्रेणियों में भी लागू।
- EV चार्जिंग स्टेशन को प्रोत्साहन – टैरिफ औसत विद्युत लागत के बराबर ₹7.13 प्रति यूनिट निर्धारित।
- महिला स्व-सहायता समूहों को राहत – उद्योग और व्यवसायिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा प्रभार में 10% छूट जारी।
- ग्रामीण अस्पतालों को राहत जारी – ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण क्षेत्रों के अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर को 10% छूट जारी।
- पोहा और मुरमुरा मिलों को राहत – ऊर्जा प्रभार में 10% छूट जारी रहेगी।
उच्चदाब (HV) उपभोक्ताओं के लिए
- EV चार्जिंग टैरिफ – उच्चदाब श्रेणी में ₹6.42 प्रति kVAh निर्धारित।
- स्टोन माइंस को HV-3 श्रेणी में शामिल किया गया।
- HV-4 में नया नियम – 33KV और 11KV पर 15% या उससे कम लोड फैक्टर वाली दरें केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेंगी जो वितरण कंपनी से 100% बिजली लेते हैं।
- Iron Washery/Beneficiation Plant को HV-4 श्रेणी में शामिल किया गया।
- मिनी और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट को राहत – COD से पहले 5 वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट जारी।
- सौर ऊर्जा संयंत्रों के ऑक्सिलियरी पावर पर भी HV-11 टैरिफ लागू।
- 31 अक्टूबर 2026 तक COD प्राप्त करने वाले सोलर उत्पादकों को 7 साल तक केवल 33% ट्रांसमिशन शुल्क देना होगा।
- इसके बाद 100% ट्रांसमिशन शुल्क देना होगा।
- 31 अक्टूबर 2026 के बाद COD पाने वाले सभी सोलर उत्पादकों को शुरू से 100% ट्रांसमिशन शुल्क देना होगा।
- पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट तय।
- ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं से बिजली लेने वालों को Cross Subsidy Surcharge से छूट।
- कोलोकेटेड कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट वाले उपभोक्ताओं के लिए ₹15.90 प्रति kWh टैरिफ निर्धारित।




