रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में प्रवेश कर चुका है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और बड़े माओवादी नेताओं के आत्मसमर्पण से नक्सली नेटवर्क कमजोर हुआ है। लेकिन इस पर सियासत भी तेज हो गई है।
EX CM भूपेश बघेल दिल्ली दौरे पर: कांग्रेस संगठन सृजन और नक्सल नीति पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सलवाद पर नियंत्रण की नींव कांग्रेस सरकार ने रखी थी। उन्होंने बताया, “विकास, विश्वास और सुरक्षा हमारी नीति थी, जिससे बस्तर में जनता का विश्वास हासिल हुआ। नक्सलवाद को समय-सीमा में खत्म करना संभव नहीं है।”
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और पिछले 22 महीनों से सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में सही सहयोग नहीं किया।
इस प्रकार नक्सलवाद को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।



