रायपुर। राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों और माल ढुलाई खर्च बढ़ने का असर अब सीमेंट बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। डीजल सप्लाई प्रभावित होने और ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सीमेंट के दाम बढ़ गए हैं।
परिवहन खर्च बढ़ने से महंगा हुआ सीमेंट
सीमेंट कारोबारियों के मुताबिक, डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत में तेजी आई है। एक ट्रक औसतन एक लीटर डीजल में करीब तीन किलोमीटर चलता है। ऐसे में लंबी दूरी तक माल पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि 500 से 600 किलोमीटर तक सीमेंट ढुलाई में ट्रांसपोर्ट लागत 500 से 1000 रुपये तक बढ़ गई है। इसी वजह से कंपनियों ने सीमेंट के दाम में बढ़ोतरी शुरू कर दी है।
प्रमुख कंपनियों के नए रेट
बाजार में कई बड़ी कंपनियों ने नई कीमतें लागू कर दी हैं।
- अल्ट्राटेक सीमेंट की एक बोरी अब 290 रुपये में बिक रही है, जो पहले 285 रुपये थी।
- एसीसी सीमेंट के दाम में करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और इसका भाव 285 रुपये प्रति बोरी पहुंच गया है।
- अंबुजा सीमेंट 288 रुपये प्रति बोरी में बिक रहा है।
- बंगर सीमेंट का भाव 260 रुपये प्रति बोरी हो गया है।
छोटे ब्रांडों पर ज्यादा असर
व्यापारियों के अनुसार, बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटे सीमेंट ब्रांडों में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले 250 से 260 रुपये प्रति बोरी मिलने वाला जंगरोधक सीमेंट अब करीब 290 रुपये तक पहुंच गया है।
सप्लाई प्रभावित होने और माल ढुलाई महंगी पड़ने से छोटे कारोबारियों पर ज्यादा दबाव बन रहा है।
निर्माण कार्यों की लागत बढ़ी
सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री महंगी होने से मकान निर्माण, सरकारी प्रोजेक्ट और निजी बिल्डिंग निर्माण की लागत भी बढ़ने लगी है। बिल्डरों और ठेकेदारों का कहना है कि सरिया, सीमेंट और ट्रांसपोर्ट खर्च लगातार बढ़ने से निर्माण बजट प्रभावित हो रहा है।
कारोबारियों का मानना है कि यदि डीजल संकट और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर जारी रहा, तो आने वाले दिनों में निर्माण सामग्री के दाम में और उछाल देखने को मिल सकता है।



