रायपुर। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के उद्देश्य से कमिश्नरेट पुलिस ने मध्य जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में विशेष सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीमों ने कुल 89 ठहराव स्थलों का निरीक्षण कर वहां ठहरे लोगों का सत्यापन किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की।
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यह अभियान पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) विवेक शुक्ला के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। अभियान में कोतवाली, गोलबाजार, गंज, मौदहापारा, सिविल लाइंस, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों के होटल, लॉज एवं धर्मशालाओं को शामिल किया गया।
पुलिस ने अभियान के दौरान कोतवाली क्षेत्र में 2 होटल, 2 लॉज और 1 धर्मशाला, गोलबाजार में 6 होटल, गंज में 32 होटल, मौदहापारा में 18 होटल और 1 लॉज, सिविल लाइंस में 13 होटल, देवेंद्र नगर में 4 लॉज तथा तेलीबांधा क्षेत्र में 10 होटलों की जांच की। इस तरह कुल 81 होटल, 7 लॉज और 1 धर्मशाला सहित 89 ठहराव स्थलों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस ने होटल रजिस्टर, ऑनलाइन बुकिंग रिकॉर्ड, ठहरे हुए मेहमानों के पहचान पत्र और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की बारीकी से जांच की। साथ ही होटल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध न कराया जाए और सभी आगंतुकों का रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए।
अभियान के दौरान पुलिस ने 17 संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन भी किया। वहीं 68 होटल संचालकों को पुलिस के “समाधान” मोबाइल एप के बारे में जानकारी दी गई, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाई जा सके।
जांच के दौरान 9 होटल और लॉज संचालकों के यहां सीसीटीवी व्यवस्था और रजिस्टर संधारण में कमियां पाई गईं। पुलिस ने उन्हें आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए और भविष्य में नियमों का पालन नहीं करने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
पुलिस अधिकारियों ने होटल संचालकों से कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने, सीसीटीवी कैमरे लगातार चालू रखने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को देने की अपील की।
कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि अपराधों की रोकथाम, फरार अपराधियों की पहचान, असामाजिक तत्वों पर निगरानी और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के विशेष जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।



