राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल के 111 कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफों के बाद जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
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जानकारी के अनुसार, इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने शहर मंडल अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर जिला भाजपा अध्यक्ष के नाम संबोधित सामूहिक इस्तीफा पत्र भी वायरल हो रहा है, जिसमें संगठन में उपेक्षा, गुटबाजी और पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं।
इस्तीफा पत्र में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नौआना अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने के बजाय पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती तथा शहर के कुछ प्रभावशाली व्यापारिक नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संगठन में कुछ चुनिंदा लोगों को एक से अधिक जिम्मेदारियां देने की अनुशंसा की जाती रही, जबकि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को कोई अवसर नहीं दिया गया। कार्यकर्ताओं का दावा है कि इससे संगठन में असंतोष बढ़ा और कई पुराने कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे।
सामूहिक इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने शहर मंडल अध्यक्ष पर परिवारवाद और गुटबाजी को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि संगठनात्मक फैसलों में पारदर्शिता का अभाव है, जिसके कारण पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक साथ 111 कार्यकर्ताओं का इस्तीफा भाजपा के लिए संगठनात्मक चुनौती बन सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी विभिन्न स्तरों पर संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है।



