नई दिल्ली, 10 जून। MP Rajya Sabha Election : मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी पूरी तरह आक्रामक मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में सचिन पायलट, भूपेश बघेल, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचे, जहां प्रवेश नहीं मिलने पर नेताओं ने गेट के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचे कांग्रेस नेताओं में सचिन पायलट, भूपेश बघेल, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश शामिल रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक दबाव बनाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को आयोग कार्यालय में तुरंत प्रवेश नहीं मिला, जिसके बाद वे मुख्य गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान नेताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ’ जैसे नारे भी लगाए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा तीसरी राज्यसभा सीट हारती देख तकनीकी आधार पर विपक्षी उम्मीदवार को बाहर करने की साजिश कर रही है। वहीं चुनाव आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को दोपहर 12 बजे चर्चा के लिए समय दिया है।
उधर, कांग्रेस इस पूरे मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी भी कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने संकेत दिए हैं कि विशेष परिस्थितियों में सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की ओर से शिकायत (MP Rajya Sabha Election) की गई थी कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले का उल्लेख अपने शपथपत्र में नहीं किया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने दस्तावेजों की जांच कर उनका नामांकन निरस्त कर दिया। भाजपा की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक उम्मीदवार को सभी आपराधिक मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है। जबकि कांग्रेस का दावा है कि वह कोई आपराधिक मामला नहीं बल्कि केवल कानूनी नोटिस था।



