रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में रायपुर स्थित विशेष ईडी कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल समेत कई आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई माह में निर्धारित की है।
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आरोपियों की संख्या बढ़कर 82 पहुंची
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर अब 82 हो गई है। आज की सुनवाई में 69 नए आरोपियों सहित कई अन्य लोगों की भी कोर्ट में पेशी हुई। इनमें कुछ प्रभावशाली और रसूखदार व्यक्तियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
28 आबकारी अधिकारियों के बयान दर्ज
मामले की जांच के दौरान अब तक 28 आबकारी अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। एजेंसियों का कहना है कि शराब आपूर्ति और वितरण प्रणाली में कई स्तरों पर अनियमितताएं पाई गई हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।
बिना गिरफ्तारी चार्जशीट का मामला भी चर्चा में
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस केस में बिना गिरफ्तारी के ही चार्जशीट दाखिल किए जाने का पहलू भी सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर कानूनी विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
EOW-ACB की अलग कार्रवाई
इधर, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शराब घोटाले से जुड़े एक अलग मामले में कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित मैनपावर और फर्जी बिलिंग घोटाले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं।
2300 पन्नों की चार्जशीट
इसी मामले में 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ करीब 2300 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट भी अदालत में पेश की गई है। इसमें होलोग्राम में गड़बड़ी, अवैध वसूली और शराब वितरण प्रणाली में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जुलाई की सुनवाई पर टिकी नजर
छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में शामिल इस प्रकरण पर अब सभी की नजरें जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां मामले की आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।




