जांजगीर-चांपा। यादव चौक इलाके में तीन साल पहले हुई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने रोहन पांडू और राजेंद्र सूर्या को अलग-अलग धाराओं में चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कुछ धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसले में एक आजीवन कारावास को ताउम्र जेल में रहने के रूप में निर्धारित किया गया है।
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मामला 12 फरवरी 2023 की रात का है। अभियोजन के मुताबिक, युवती के माता-पिता काम के सिलसिले में कोरबा गए हुए थे। घर में युवती और उसका भाई मौजूद थे। आरोपियों ने पहले युवती के भाई के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं और उसके बेहोश होने के बाद कमरे को बाहर से बंद कर दिया।
इसके बाद दोनों आरोपी घर में दाखिल हुए और युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि वारदात के बाद दोनों ने उसकी हत्या कर दी। अगले दिन युवती के पिता के फोन करने पर जब दोनों बच्चों से संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने चौकीदार को घर भेजा। चौकीदार को युवती का भाई कमरे में बंद मिला, जबकि युवती दूसरे कमरे में बेसुध पड़ी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में पुलिस ने आरोपियों द्वारा घर से ले जाए गए सोने-चांदी के जेवर, मोबाइल फोन और स्कूटी बरामद किए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी रोहन पांडू को 48 घंटे के भीतर कवर्धा के कुंडा बाजार से पकड़ा गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान कराए। साथ ही दस्तावेजी और फॉरेंसिक साक्ष्य भी अदालत में पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी माना।
दोनों के खिलाफ धारा 376(डी), 394, 449, 34 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट ने गैंगरेप, हत्या, लूट और घर में जबरन प्रवेश से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपए के अर्थदंड समेत अलग-अलग धाराओं में पृथक जुर्माना भी लगाया गया।
अदालत के इस फैसले को तीन साल पुराने जघन्य मामले में पीड़ित पक्ष के लिए महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला माना जा रहा है।




