रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक बदलावों की सुगबुगाहट के बीच प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद पार्टी के भीतर बड़े राजनीतिक बदलावों और संगठनात्मक पुनर्संतुलन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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कोर कमेटी में नए चेहरे शामिल
भाजपा कोर कमेटी में इस बार कई नए चेहरों को जगह दी गई है। मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री-विधायक अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में शामिल किया गया है। वहीं कई पुराने नेताओं की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है।
बैठक में पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और गौरीशंकर अग्रवाल शामिल नहीं हुए। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि इन नेताओं को कोर कमेटी से बाहर किया जा सकता है। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि भी की है।
संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर फोकस
इससे पहले 12 मई की शाम प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें संगठन को गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही आगामी बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
सिर्फ समीक्षा नहीं, बड़े बदलावों की तैयारी?
13 मई को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रस्तावित है। आधिकारिक तौर पर इसका एजेंडा संगठन समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना बताया जा रहा है, लेकिन पार्टी के भीतर इसे बड़े बदलावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में आगे बढ़ सकती है और उसका असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देगा।
सत्ता और संगठन दोनों में बदलाव की चर्चा
छत्तीसगढ़ भाजपा इस समय दो समानांतर परिस्थितियों से गुजर रही है। एक तरफ सरकार ढाई साल के कार्यकाल की ओर बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कई संगठन पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्ति के करीब है।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नए चेहरों को आगे लाने और कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा को मिल सकती है राष्ट्रीय जिम्मेदारी
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा डिप्टी सीएम विजय शर्मा को लेकर है। माना जा रहा है कि उन्हें भाजपा संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी जा सकती है। कुछ चर्चाओं में डिप्टी सीएम अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है जो चुनाव प्रबंधन, आक्रामक राजनीति और संगठन विस्तार में प्रभावी रहे हों।
महिला चेहरे को मिल सकता है बड़ा मौका
यदि डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव होता है, तो भाजपा किसी महिला चेहरे को आगे कर सकती है। चर्चाओं में लता उसेंडी और रेणुका सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा महिला, आदिवासी और ओबीसी सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके जरिए पार्टी सरगुजा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में राजनीतिक संतुलन मजबूत करना चाहती है।
मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह भरोसे में है और फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
बताया जा रहा है कि 2 से 4 मंत्रियों के चेहरे बदले जा सकते हैं और नए विधायकों को मौका मिल सकता है। महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए भी पार्टी गंभीर मंथन कर रही है।
भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक के नाम संभावित नए चेहरों में चर्चा में बताए जा रहे हैं।




