नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी आज शनिवार रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। माना जा रहा है कि वे हाल ही में लोकसभा में पारित न हो पाए महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी बात रख सकते हैं।
दो दिनों तक चली लंबी बहस के बाद शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक मतदान के दौरान पारित नहीं हो सका। इसके बाद शनिवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
केंद्र सरकार की ओर से विधेयक में वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान प्रस्तावित था। हालांकि विपक्ष ने इसका विरोध करते हुए सरकार पर राजनीतिक मंशा से बिल लाने का आरोप लगाया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विधेयक के खारिज होने को ‘काला दिन’ बताते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर महिलाओं के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए और सरकार इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
प्रधानमंत्री के संबोधन में इस पूरे विवाद पर सरकार का पक्ष स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।



