रायपुर, 13 जून। Liquor Overrating : छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब की बिक्री में हो रही ओवररेटिंग का खेल केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सत्ता में बैठे लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि शराब दुकानों में बोतलों पर 60 से 80 रुपए तक अतिरिक्त वसूली की जा रही थी। मीडिया में मामला उजागर होने के बाद सरकार ने कुछ अधिकारियों को निलंबित कर कार्रवाई का संदेश देने की कोशिश की, लेकिन इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में अधिकारियों को “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है, जबकि यदि उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
ED और CBI पर भी उठाए सवाल
सुशील आनंद शुक्ला ने केंद्र की जांच एजेंसियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्षी दलों के शासनकाल के मामलों में ED और CBI सक्रिय रहती हैं, तो भाजपा शासनकाल में सामने आए इस कथित नए शराब घोटाले की जांच क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता में विश्वास करती है तो पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराकर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करना चाहिए।
सियासी घमासान तेज
शराब ओवररेटिंग को लेकर कांग्रेस के हमलावर (Liquor Overrating) रुख के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और क्या जांच का दायरा बढ़ाया जाता है।



