रायपुर, 13 जून। Raipur Collector Action : जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजनाओं को समय पर पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर 6 गांवों में कार्यरत 4 एजेंसियों के अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही एजेंसियों द्वारा जमा की गई ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) राशि को राजसात करने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के इस फैसले के बाद संबंधित एजेंसियां भविष्य में जल जीवन मिशन की निविदाओं में भाग नहीं ले सकेंगी। यह कार्रवाई उन परियोजनाओं पर की गई है, जिनके अधूरे रहने के कारण ग्रामीणों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
समीक्षा बैठक में हुआ बड़ा फैसला
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई एजेंसियां निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं कर सकीं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाएं प्रभावित हुईं।
इन गांवों के अनुबंध हुए निरस्त
कार्रवाई के तहत विकासखंड अभनपुर के ग्राम तर्री, कन्हेरा और मुण्डरा में कार्य कर रही मेसर्स विष्णु प्रसाद अग्रवाल का अनुबंध निरस्त किया गया है। वहीं विकासखंड तिल्दा के ग्राम तुलसी, मोतिमपुरकला और तरपोंगी में कार्यरत मेसर्स रेखचंद अग्रवाल (जांजगीर-चांपा), मेसर्स बीआर इन्फ्रास्ट्रक्चर (रायपुर) और मेसर्स मनीश अग्रवाल (रायपुर) के अनुबंध भी समाप्त कर दिए गए हैं।
मार्च 2027 तक पूरा करना होगा लक्ष्य
कलेक्टर डॉ. सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत (Raipur Collector Action) सभी नल-जल योजनाओं को मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो एजेंसियां समय पर कार्य पूरा नहीं करेंगी, उनके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को जल जीवन मिशन की योजनाओं में तेजी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



