Khelo India Tribal Games 2026: राजधानी रायपुर में 10 दिनों तक चले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (Khelo India Tribal Games 2026) का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं ओडिशा (21 गोल्ड) दूसरे और झारखंड (16 गोल्ड) तीसरे स्थान पर रहे।
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समापन समारोह में मुख्य अतिथि विष्णु देव साय ने राज्य के पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण विजेताओं को 2 लाख रुपए, रजत के लिए 1.5 लाख और कांस्य के लिए 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं टीम इवेंट्स में स्वर्ण, रजत और कांस्य विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
फुटबॉल में पुरुष टीम को सिल्वर, महिला टीम बनी चैंपियन
अंतिम दिन पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मैच के 45वें मिनट में बंगाल के खिलाड़ी चाको ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई, जो अंत तक कायम रही। इसके साथ छत्तीसगढ़ को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। ब्रॉन्ज मेडल अरुणाचल प्रदेश और गोवा को मिला।
वहीं, इससे पहले महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ की टीम ने झारखंड को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मल्लखंभ में छत्तीसगढ़ अव्वल
ट्राइबल गेम्स में मल्लखंभ को डेमो स्पोर्ट के रूप में शामिल किया गया। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 124.35 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। महाराष्ट्र दूसरे और झारखंड तीसरे स्थान पर रहा। खिलाड़ियों ने रोप, पोल और हैंगिंग मल्लखंभ में शानदार प्रदर्शन किया।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में 16 पदक
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कुल 16 पदक जीते, जिनमें 2 स्वर्ण, 9 रजत और 5 कांस्य शामिल हैं।
स्विमिंग में अनुष्का भगत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार रजत पदक जीते। वेटलिफ्टिंग (77 किग्रा) में निकिता ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि एथलेटिक्स (शॉटपुट) में सिद्धार्थ नागेश ने भी गोल्ड अपने नाम किया।
मैरी कॉम ने साझा किए संघर्ष और भविष्य की योजना
खेलों में शामिल होने पहुंचीं 6 बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम ने अपने जीवन के संघर्ष, ओलंपिक के दबाव और बॉक्सिंग करियर को लेकर खुलकर बातचीत की।
उन्होंने बताया कि 2022 में लगी गंभीर चोट के बाद वह 6 महीने तक मानसिक और शारीरिक रूप से संघर्ष करती रहीं। मैरी कॉम ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ सरकार एकेडमी की सुविधा उपलब्ध कराए, तो वह यहां युवाओं को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज खिलाड़ियों को पहले के मुकाबले बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन बड़े मंचों पर मानसिक दबाव अब भी सबसे बड़ी चुनौती है। उनके अनुसार, खिलाड़ी यदि दबाव से मुक्त होकर प्रदर्शन करें, तो बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं। (Khelo India Tribal Games 2026)




