नई दिल्ली। अमेरिका के प्रतिष्ठित थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 2026 में तनाव बढ़कर सीमित सशस्त्र संघर्ष का रूप ले सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में संभावित आतंकी गतिविधियों में इजाफे से स्थिति गंभीर हो सकती है।
यह भी पढ़े :- विधायक लखेश्वर बघेल के घर में मची चीख-पुकार, पत्नी ने खुद को किया लहूलुहान; जानें अब कैसी है हालत
CFR की ‘कॉन्फ्लिक्ट्स टू वॉच इन 2026’ रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों की सक्रियता भारत को मजबूत सैन्य प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर सकती है, जिसका क्षेत्रीय और वैश्विक असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी सतर्क भारत
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। कार्रवाई के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सेना को सहयोग देने वाले ठिकानों पर भी हवाई हमले किए थे।
ऑपरेशन के बाद जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों में कमी आई है और फिलहाल नियंत्रण रेखा पर सीजफायर प्रभावी है। इस बीच भारत अपनी रक्षा शक्ति को और मजबूत कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में 79 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सैन्य खरीद को मंजूरी दी है, जिसमें मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन्स और गोला-बारूद शामिल हैं।
सैन्य आधुनिकीकरण में जुटा पाकिस्तान
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान के बाद अपने ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए तुर्किये और चीन के साथ चर्चाएँ तेज कर दी हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भी तनाव
CFR ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी 2026 में टकराव की आशंका जताई है। डूरंड लाइन पर पिछले दिनों हुए संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव ने गहरी दरार पैदा कर दी है। हालांकि इस संभावित संघर्ष का सीधा असर अमेरिकी हितों पर अधिक नहीं पड़ेगा।
संभावना, भविष्यवाणी नहीं
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह किसी निर्णायक युद्ध की भविष्यवाणी नहीं बल्कि संभावित जोखिम का विश्लेषण है, ताकि वैश्विक समुदाय समय रहते स्थितियों को संभाल सके।



