नई दिल्ली : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश राष्ट्रहित में बड़े जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार करने में पूरी तरह सक्षम है, चाहे इसके नतीजे जो भी हों।
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डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में बातचीत के दौरान NSA डोभाल ने कहा कि 88 घंटे तक चले इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के उन आतंकी कैंपों को पूरी तरह ध्वस्त करना था, जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे।
शीर्ष सैन्य व सुरक्षा नेतृत्व के अनुभव होंगे उजागर
डिस्कवरी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दो भागों की यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व को एक मंच पर लाती है। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लिए गए नीतिगत फैसलों और रणनीतिक घटनाओं का ब्योरा दिया जाएगा।
इस शो में उन अधिकारियों के सीधे अनुभव शामिल हैं, जिन्होंने भारत की जवाबी कार्रवाई की निगरानी की थी। डोभाल इस वृत्तचित्र में सैन्य जवाबी कार्रवाई के पीछे के कड़े संकल्प और रणनीतिक सोच को उजागर करते नजर आएंगे।
क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
हमले का कारण: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी।
भारत की कार्रवाई: 7 मई की सुबह भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित कई आतंकी ठिकानों पर सटीक और घातक हमले (Precision Strikes) किए।
88 घंटे चला संघर्ष: भारत के प्रहार के बाद पाकिस्तान की ओर से भी हमले का प्रयास किया गया, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
सीजफायर: परमाणु शक्ति संपन्न दोनों देशों के बीच यह सैन्य संघर्ष लगातार 88 घंटे तक चला, जो 10 मई की शाम को एक समझौते के बाद समाप्त हुआ।




