रायपुर : बस्तर की धरती पर तीन दिनों से जारी तिरंगा यात्रा का आज भव्य समापन हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने बीजापुर से यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन की शुरुआत की।
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आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला होते हुए करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर पहुंची, जहां स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा फहराया गया। 
तिरंगे की शान और देशभक्ति के जज्बे के साथ बस्तर तिरंगा यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंची। तीसरे दिन बीजापुर से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने यात्रा की शुरुआत की।
इसके बाद काफिला आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला से होते हुए कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों तक पहुंचा। करीब 600 किलोमीटर की इस यात्रा ने तीन दिनों में बस्तर के कई इलाकों को जोड़ा।

नारायणपुर से शुरू हुई यह यात्रा कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहुंची।
रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों और बच्चों ने भारत माता की जय और तिरंगे की जय के नारों के साथ यात्रा का स्वागत किया।यात्रा के दौरान शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया गया और शहादत की मिट्टी भी संग्रहित की गई।
करे्रेगुट्टा पहुंचने के बाद मंत्रियों ने जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया।
इसके बाद शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया गया और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया गया। वही कर्रेगुट्टा, जिसे कभी नक्सली प्रभाव वाले इलाके के तौर पर जाना जाता था, आज तिरंगे की शान से सराबोर नजर आया।




