रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा जारी सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। चयन सूची में कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने इसे केवल तकनीकी त्रुटि बताते हुए पारदर्शी परीक्षा का दावा किया है।
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कांग्रेस का आरोप है कि प्रारंभिक परिणाम में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं, जो सामान्य अभ्यर्थियों के नामों जैसे नहीं लगते। सोशल मीडिया पर वायरल सूची में “NEWS”, “SPACERANI” और “MANBAS” जैसे नामों को लेकर पार्टी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस तरह की प्रविष्टियां पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तो फिर चयन सूची में इस प्रकार की विसंगतियां कैसे सामने आईं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह किसी प्रकार का भर्ती घोटाला नहीं, बल्कि संभावित तकनीकी या डेटा एंट्री संबंधी विसंगति हो सकती है। भाजपा प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती ने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई है। यदि कहीं तकनीकी त्रुटि हुई है तो आयोग उसकी जांच कर आवश्यक सुधार करेगा।

भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं को लेकर गंभीर विवाद सामने आए थे, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शी व्यवस्था के साथ चयन प्रक्रिया संचालित कर रही है।




