बिलासपुर। शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र में आयोजित एक प्रार्थना सभा को लेकर रविवार को विवाद की स्थिति बन गई। लायंस क्लब भवन के समीप चल रहे कार्यक्रम पर कुछ हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया, जिसके बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
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जानकारी के अनुसार, प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। उनका आरोप था कि धार्मिक आयोजन की आड़ में लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कार्यक्रम की वैधता पर सवाल उठाए।
हिंदू संगठनों का कहना है कि सभा में शामिल लोगों को बीमारी ठीक होने, बच्चों के स्कूल में प्रवेश दिलाने, नशे की लत से मुक्ति और अन्य व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। उनका दावा है कि इस तरह के वादों के जरिए आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की और माहौल को शांत कराया। पुलिस ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही आयोजन से जुड़े दस्तावेज, अनुमति और अन्य आवश्यक जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। धर्मांतरण के आरोपों की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार के कानून उल्लंघन या अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मामले की जांच पूरी होने तक अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी तथा आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



