कोरबा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार और कथित कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर जनप्रतिनिधियों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय और उग्र हो गया, जब नाराज जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। इस कार्रवाई के चलते कार्यालय में मौजूद कई कर्मचारी अंदर ही फंस गए, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान जनपद सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों पर निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी छिपाने और पारदर्शिता नहीं बरतने के आरोप लगाए। आरोपों के विरोध में सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार कर दिया।
बैठक छोड़ने के बाद जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टेंट लगाकर विरोध जताया और लाउडस्पीकर के माध्यम से जनपद पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मुद्दे उठाए। इसी बीच आक्रोशित सदस्यों ने कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। स्थिति को नियंत्रित करने और गतिरोध समाप्त कराने के लिए तहसीलदार तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास शुरू किया।
धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर जनहित से जुड़े मामलों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
वहीं प्रशासनिक अधिकारी लगातार बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं। कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई, जिसके चलते क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह गतिरोध कब समाप्त होगा और आंदोलनकारियों की मांगों पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है।



