धमतरी। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमतरी पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 480 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार तस्करों की योजना इस खेप को रायपुर और उत्तर प्रदेश में खपाने की थी।
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जानकारी के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस्तर क्षेत्र से एक पिकअप वाहन और एक कार के माध्यम से बड़ी मात्रा में गांजा रायपुर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अर्जुनी थाना क्षेत्र के श्याम तराई इलाके में नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की।
जांच के दौरान संदिग्ध वाहन पुलिस के हत्थे चढ़ गए। तलाशी लेने पर वाहनों में सफेद बोरियों में भरकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही वाहनों को जब्त कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कुल 480 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। यह धमतरी जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गांजा जब्ती कार्रवाई मानी जा रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रायपुर निवासी नौशाद खान, करण साहू, मोहम्मद सादिक और हिमांशु साहू सहित पांच लोगों के रूप में हुई है। इनके साथ एक नाबालिग भी पकड़ा गया है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दी हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि तस्कर पहले जगदलपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पिकअप वाहन से सब्जियों की खेप उतारी। इसके बाद उसी वाहन में गांजा लोड कर उसे रायपुर और उत्तर प्रदेश तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं नाबालिग को विधि अनुसार न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।



