रायपुर, 30 अप्रैल। Mahant Proposal Rejected : छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत द्वारा प्रस्तुत अशासकीय संकल्प को स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने अग्राह्य कर दिया। डॉ. महंत ने महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए मौजूदा व्यवस्था में एक तिहाई आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विशेष सत्र में विषय पूर्व निर्धारित होते हैं और शासकीय संकल्प पेश होने के बाद परंपरा के अनुसार अशासकीय संकल्प पर चर्चा संभव नहीं है।
विपक्ष को झटका, संकल्प अग्राह्य
इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी सशक्तिकरण के तहत संसद और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने संबंधी शासकीय संकल्प पेश किया। सदन में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष (Mahant Proposal Rejected) के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। डॉ. महंत ने पूर्व में निंदा प्रस्ताव लाने की बात का जिक्र किया, जिस पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। स्पीकर ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि सदन के बाहर की बातों पर अंदर चर्चा नहीं हो सकती। इसके बाद भाजपा विधायक लता उसेंडी ने चर्चा की शुरुआत की।


