रायपुर/बस्तर.एक तरफ जहां बस्तर के बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बड़े कैडर के बीच मुठभेड़ की खबर आ रही है वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से नक्सल कमांडरों हिडमा और देवा की मांओ ने अपने बेटों से लौट आने की गुहार लगाई है।
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जहां नक्सल कमांडर हिडमा की मां ने अपनी बोली में कहा कि ” कहाँ पर हो कि आ जाओ कह रही हूं। नही आ रहा है तो मैं कैसे करूँ,कहीं आसपास रहने से ढूढ़ने भी जाती जंगल मे। और क्या कहूँ बेटा, आजा। नही आ रहा है तो मैं कैसे करूँ आ जा ही बोल रही हूं। घर आजा बोल रही हूं। ढूढ़ने जाती आसपास कहीं रहने से जाकर ले आती। कहॉं हो कि बेटा घर आ जाओ,कमाई करके खाएंगे,जिएंगे यहां। जनता के साथ जी लेना आ जाओ।”
वहीं नक्सल कमांडर देवा की मां ने भी अपने बेटे से घर लौट आने की मार्मिक अपील की है। बस्तर की स्थानीय बोली में कहीं बात का हिंदी रूपांतरण है ” यहाँ घर पर ही रहकर कमाई करके जिएंगे बोली थी मत जाओ,किंतु चला गया ,घर मे कमाई करके जिएंगे,घर मे ही नांगर-कूली करने वाले कोई नही हैं बोली फिर भी चले गया, क्या करेंगे हम लोग।
घर आकर सरेंडर करके घर मे कमाई करके खाएंगे ,घर आने से अच्छा रहेगा। ऐसे ही मैं बोली कि घर आ जाओ। कुछ दिन पहले भी बोली हूँ। कहीं आस पास रहने से ढूढ़ने भी जाते लाने जाते ,मैं कहाँ ढूंढूं। “
शायद मांओ की ये गुहार कुछ और रंग लाये, वरना बस्तर की धरती अपनी हरियाली के हरे रंग को खो कर बस खून के लाल रंग में ही वर्षों से नज़र आ रही है।



