Exit Poll Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान पूरा होते ही एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं। ज्यादातर सर्वेक्षणों में एनडीए (NDA) को एक बार फिर स्पष्ट बहुमत मिलने के संकेत मिले हैं। एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी पर मतदाताओं ने एक बार फिर भरोसा जताया है।
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एग्जिट पोल के रुझान: NDA को बहुमत, विपक्ष पिछड़ा
अब तक आए एग्जिट पोल्स में एनडीए को भारी बढ़त मिलती दिख रही है। ग्रामीण से शहरी इलाकों तक मतदाताओं का झुकाव एनडीए के पक्ष में देखा जा रहा है। वहीं, महागठबंधन को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते दिख रहे हैं।

Poll of Polls के औसत आंकड़ों के मुताबिक, एनडीए को 138 से 155 सीटों के बीच जीत मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 82 से 98 सीटें मिल सकती हैं। जन सुराज पार्टी को 1–2 सीटें और अन्य दलों को 3–7 सीटों तक का अनुमान जताया गया है।
विभिन्न सर्वे के आंकड़े
| सर्वे एजेंसी | NDA | महागठबंधन | जन सुराज | अन्य |
|---|---|---|---|---|
| पीपुल्स पल्स | 133–159 | 75–101 | 5 | 2–8 |
| मैट्रिज सर्वे | 147–167 | 70–90 | 0–2 | 2–8 |
| पीपुल्स इनसाइट | 133–148 | 87–102 | 2 | 3–6 |
मोदी–नीतीश की जोड़ी पर जनता का भरोसा बरकरार
एग्जिट पोल के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशासनिक छवि ने चुनावी माहौल को एनडीए के पक्ष में मोड़ दिया। राज्य और केंद्र की “डबल इंजन” सरकार का असर मतदाताओं तक पहुंचा। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए कार्यों ने ग्रामीण इलाकों में खासा प्रभाव डाला है।
विपक्ष की रणनीति असर नहीं दिखा पाई
महागठबंधन ने इस बार बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों को चुनावी एजेंडा बनाया, लेकिन एग्जिट पोल बताते हैं कि ये मुद्दे वोटों में तब्दील नहीं हो सके। तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ जरूर जुटी, मगर उसका असर मतपेटियों में नहीं दिखा।
कई सीटों पर नई और छोटी पार्टियों की एंट्री से विपक्ष के वोटों में बिखराव देखने को मिला। वहीं, पारंपरिक यादव–मुस्लिम समीकरण की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं दिख रही है।
क्षेत्रवार रुझान: सीमांचल से पटना तक NDA का पलड़ा भारी
रुझानों के मुताबिक, सीमांचल, मिथिलांचल, चंपारण और कोसी क्षेत्र में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है। पटना–नालंदा बेल्ट में भी भाजपा-जेडीयू गठबंधन की पकड़ मजबूत बताई जा रही है। हालांकि, भोजपुर, मगध और बेगूसराय इलाकों में मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन कुल मिलाकर हवा का रुख एनडीए के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
14 नवंबर को खुलेगा मतगणना का पिटारा
एग्जिट पोल भले ही एनडीए की सरकार बनने का संकेत दे रहे हों, लेकिन असली नतीजे 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल, इन रुझानों ने एनडीए खेमे का मनोबल बढ़ा दिया है और बिहार की सियासत में एक बार फिर चर्चा, रणनीति और उम्मीदों का दौर शुरू हो गया है।



