बीजापुर। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर इंद्रावती नेशनल पार्क के घने जंगलों में मंगलवार सुबह से जारी मुठभेड़ में डीआरजी, एसटीएफ और अन्य सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने 6 कुख्यात नक्सलियों को ढेर कर दिया। मारे गए नक्सलियों के शवों के साथ इंसास, स्टेनगन, .303 रायफल जैसे ऑटोमैटिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर चल रहे इस अभियान में सुरक्षाबल किसी बड़े नक्सली लीडर को घेरने में सफल रहे हैं, हालांकि उसकी पहचान अभी गोपनीय रखी गई है।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सुबह 10 बजे शुरू हुई सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। अब तक 6 नक्सली कैडर मारे जा चुके हैं, लेकिन ऑपरेशन अभी जारी है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने इसे नक्सली संगठन के लिए ‘निर्णायक झटका’ बताते हुए कहा, “नक्सली अब नेतृत्वहीन और मनोबल टूटे हुए हैं। यह सफलता बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में मील का पत्थर है।” उन्होंने 259 नक्सलियों के इस साल मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अतिरिक्त टीमें आसपास तैनात कर फरार नक्सलियों की घेराबंदी की जा रही है।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर के तारलागुड़ क्षेत्र में अन्नाराम जंगलों में सर्चिंग के दौरान एक और मुठभेड़ हुई। इसमें एक घायल नक्सली को जिंदा पकड़ लिया गया है। उसके प्राथमिक उपचार के बाद हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षाबल सतर्क हैं और ऑपरेशन के पूर्ण होने पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। बस्तर में विकास और शांति की यह जंग तेज हो रही है, जहां सुरक्षाबल नक्सलवाद के अंतिम छोर को तोड़ने में जुटे हैं।



