Winter Session of Parliament : संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है, और इसी के साथ राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्र से पहले PM मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद शीतकालीन सत्र देश के भविष्य, योजनाओं और जिम्मेदार फैसलों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह पराजय की निराशा से बाहर निकलकर रचनात्मक भूमिका निभाए। PM मोदी के अनुसार, “सदन में ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।
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लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में इंडिया ब्लॉक की बैठक जारी है। यह सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 15 बैठकें होंगी और सरकार एटॉमिक एनर्जी बिल सहित 10 नए बिल पेश कर सकती है।
सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दो अहम विधेयक—केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025—लोकसभा में पेश करेंगी। इन बिलों का उद्देश्य उन वस्तुओं पर नई कर व्यवस्था लागू करना है जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है, जैसे सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला।
वहीं, विपक्ष SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के मुद्दे पर सरकार को घेर सकता है। BLO की मौतों, बिहार चुनाव में वोट चोरी के आरोप और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संभावित महाभियोग जैसे मुद्दों पर सत्र गरमाने के आसार हैं। दिल्ली ब्लास्ट, नेशनल हेराल्ड केस, प्रदूषण और नए लेबर कानून भी चर्चा में रह सकते हैं।
सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनेगी और उम्मीद है कि सभी दल संयम के साथ काम करेंगे। कुल मिलाकर, संसद शीतकालीन सत्र में तीखी बहस, अहम विधेयक और बड़े राजनीतिक मुद्दे देखने को मिल सकते हैं।



