लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। पाण्डुका पंचायत में एक सप्ताह पहले बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कथित रूप से 17 अतिक्रमणकारियों के अवैध निर्माण तोड़े जाने का दावा किया गया था, लेकिन अब सच्चाई सामने आई है कि केवल 6 लोगों के आवास ही तोड़े गए। प्रभावित ग्रामीण इसे पक्षपातपूर्ण कार्यवाही बता रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच के परिजन बिजली बिल बकाया अवैध आवास का लाभ उठा रहे हैं, जबकि अन्य लोगों पर कार्रवाई की गई। आहत ग्रामीणों ने पंचायत और प्रशासन के सामने अपनी शिकायतें रखीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीण अब निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे भूख हड़ताल तक पर बैठ सकते हैं। मामले में सरपंच ने समयाभाव का हवाला देते हुए कहा है कि कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी।



