नई दिल्ली। भारत सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्त संहिता को 21 नवंबर 2025 से लागू कर दिया है। यह चार संहिताएं 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेती हैं और श्रम कानूनों को सरल, पारदर्शी और कामगार-मित्र बनाने का लक्ष्य रखती हैं।
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सरकार का कहना है कि इन सुधारों से कामगारों को बेहतर वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार की गारंटी मिलेगी। संहिताओं के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- नियुक्ति पत्र और न्यूनतम वेतन सभी कामगारों के लिए अनिवार्य।
- सामाजिक सुरक्षा कवरेज अब गिग व प्लेटफॉर्म श्रमिकों, महिला, युवा, एमएसएमई और प्रवासी कामगारों तक फैला।
- महिला कर्मचारियों को सभी प्रकार के कार्यों और रात्रि शिफ्ट में काम करने की अनुमति, समान वेतन और सुरक्षा सुनिश्चित।
- निवारक स्वास्थ्य सेवाएं: 40 साल से ऊपर के कर्मचारियों के लिए मुफ्त सालाना स्वास्थ्य जांच।
- समय पर वेतन भुगतान और ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान सुनिश्चित।
- फिक्स्ड-टर्म और अनुबंध कर्मचारी स्थायी कर्मचारियों के बराबर लाभ और ग्रेच्युटी के पात्र।
- ईएसआईसी और पीएफ कवरेज सभी औद्योगिक और असंगठित क्षेत्रों में।
- सरलीकृत अनुपालन: सिंगल रजिस्ट्रेशन, सिंगल लाइसेंस और सिंगल रिटर्न।
सरकार ने बताया कि इस कदम से देश का श्रम-इकोसिस्टम वैश्विक मानकों के अनुरूप होगा, रोजगार बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत के लिए मजबूत नींव तैयार होगी। इन संहिताओं से कामगारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित होंगे, जबकि उद्योगों के लिए नियम पालन आसान और पारदर्शी होगा।



