शिलांग। मेघालय के युवा ऑलराउंडर आकाश कुमार चौधरी ने रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ कुछ ऐसा कर दिखाया जो फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। महज 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़ने के साथ-साथ एक ओवर में 6 छक्के और फिर लगातार 8 गेंदों पर 8 छक्के ठोककर आकाश ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। लेकिन यह तूफानी पारी कोई अचानक जोश नहीं थी, बल्कि इसके पीछे थी टीम कोच की रणनीति और आकाश की परफेक्ट एक्जीक्यूशन।
मैच के दौरान मेघालय की टीम 6 विकेट पर 500 के पार पहुंच चुकी थी, लेकिन कोच चाहते थे कि पारी घोषित करने से पहले स्कोर 600 को पार कर ले ताकि अरुणाचल प्रदेश पर दबाव बन सके। इसके लिए 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे आकाश कुमार को कोच ने साफ मैसेज दिया – “जितनी जल्दी हो सके रन बनाओ, छक्के मारो, पारी जल्दी खत्म करनी है।” आकाश ने कोच की बात को गंभीरता से लिया और जैसे ही बल्ला थामा, मानो पूरा मैदान उनके बल्ले का गुलाम हो गया।
आकाश ने पहले तो एक ही ओवर में 6 छक्के जड़कर रणजी ट्रॉफी में यह कारनामा करने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए। इसके बाद अगले ओवर की पहली दो गेंदों पर भी छक्के उड़ाए और लगातार 8 गेंदों पर 8 छक्के ठोककर फर्स्ट क्लास क्रिकेट का नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। देखते ही देखते सिर्फ 11 गेंद खेलकर उन्होंने 50 रन पूरे कर लिए, जो अब तक की सबसे तेज फिफ्टी है। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत मेघालय ने 6 विकेट पर 628 रन बनाकर पारी घोषित की।
कोच की रणनीति सौ फीसदी सफल रही। मेघालय के विशाल स्कोर के सामने अरुणाचल प्रदेश की पहली पारी महज 73 रन पर सिमट गई। मेघालय ने उन्हें फॉलोऑन खेलने को मजबूर कर दिया और मैच में भारी बढ़त हासिल कर ली। आकाश की यह पारी न सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई, बल्कि टीम की जीत की नींव भी रख गई।
आकाश ने मैच के बाद कहा, “कोच ने कहा था कि तेज खेलो, मैंने बस वही किया। टीम के लिए रन बनाना और जीत दिलाना मेरा मकसद था। रिकॉर्ड तो बस साथ-साथ बन गए।” मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन ने भी आकाश की तारीफ करते हुए उन्हें बधाई दी है।



