रायपुर। राजधानी के बहुचर्चित स्काईवॉक प्रोजेक्ट ने अब रफ्तार पकड़ ली है। निर्माण का अहम चरण शुरू हो चुका है, जिसमें स्काईवॉक के ऊपर स्लैब और गर्डर लॉन्चिंग का काम किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने कलेक्टर से ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति मांगी है। मंजूरी मिलते ही रात में काम शुरू होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान सड़क को वन-वे किया जाएगा ताकि निर्माण में बाधा न आए। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक रहेगा और पुलिस-ट्रैफिक टीम मौके पर तैनात रहेगी।
63 गर्डर में से 47 लग चुके, 25 में से 19 स्लैब तैयार
भिलाई में बनाए जा रहे गर्डर लगातार साइट पर पहुंच रहे हैं। अब तक 47 गर्डर लग चुके हैं, जबकि 16 गर्डर बाकी हैं। वहीं 25 स्लैब में से 19 पहले ही चढ़ाए जा चुके हैं। बचे हुए स्लैब और गर्डर लॉन्चिंग के बाद पूरी संरचना आकार ले लेगी।
5 मीटर चौड़ी रोटेटरी और 12 एस्केलेटर
पीडब्ल्यूडी शास्त्री चौक के चारों ओर 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी तैयार कर रहा है, जिससे लोगों को स्काईवॉक तक सहज पहुंच मिलेगी। साथ ही 12 एस्केलेटर और दो लिफ्ट लगाई जाएंगी — एक अंबेडकर अस्पताल और दूसरी डीकेएस अस्पताल से जुड़ी रहेगी। मरीजों और परिजनों के लिए यह राहत की बड़ी सुविधा होगी।
37.75 करोड़ की लागत से बन रहा आधुनिक स्काईवॉक
लगभग 37.75 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह स्काईवॉक राजधानी की भीड़भाड़ और पैदल यात्रियों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक ब्लॉक मिलते ही काम में और तेजी आएगी और जल्द ही शहर को यह आधुनिक सुविधा मिलने वाली है।



