बलरामपुर। जिले के रामचन्द्रपुर विकासखंड के सलवाही स्थित बालक छात्रावास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर छात्रावास के तीन नाबालिग बच्चे परिसर से करीब 150 से 200 मीटर दूर स्थित कुएं से पानी भरकर ड्रम के जरिए छात्रावास तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कुएं से पानी ढोने की जिम्मेदारी बच्चों पर?
वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर छात्रावास में रहने वाले नाबालिग बच्चों को पानी भरकर लाने का काम क्यों करना पड़ रहा है? बताया जा रहा है कि बच्चे कुएं से पानी भरकर ड्रम में ले जाते हैं। यदि पानी भरते या ढोते समय कोई बच्चा कुएं में गिर जाता अथवा किसी दुर्घटना का शिकार हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?
छात्रावास प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर सवाल
इस मामले ने छात्रावास में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि आदिवासी और कमजोर वर्ग के परिवारों से आने वाले बच्चों को पढ़ाई और बेहतर भविष्य के अवसर मिलने चाहिए, न कि उनसे इस तरह के जोखिम भरे काम कराए जाने चाहिए।
वीडियो के आधार पर यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि छात्रावास के बाहर बच्चों से पानी ढुलवाया जा रहा है, तो परिसर के भीतर उनसे किस तरह के काम लिए जाते हैं? हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए छात्रावास प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
जांच और जवाबदेही की मांग
अब सवाल यह है कि छात्रावास में पानी की व्यवस्था क्यों नहीं है और बच्चों को कुएं से पानी लाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी थी? मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि बच्चों से पानी ढुलवाने के पीछे क्या वजह थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।




